न्यूजीलैंड-श्रीलंका को तो हरा दिया, ऑस्ट्रेलिया ने दिखा दिया आईना, ऐसे कैसे वर्ल्ड कप जीतेगी टीम इंडिया?

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हाइलाइट्स

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को वनडे सीरीज में 2-1 से हराया
भारत ने न्यूजीलैंड-श्रीलंका से घर में वनडे सीरीज जीती थी
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हर डिपार्टमेंट में फिसड्डी साबित हुई टीम इंडिया

नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 3 वनडे की सीरीज में 2-1 से हरा दिया. ये 2015 के बाद टीम इंडिया की घर में द्विपक्षीय सीरीज में तीसरी हार है. इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका ने 2015 में भारत को हराया था. उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने 2019 और अब भारत को वनडे सीरीज में शिकस्त दी है. टीम इंडिया के लिए ये हार आंख खोलने वाली है. इस साल अक्टूबर-नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है. लेकिन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिस अंदाज में टीम इंडिया ने सीरीज गंवाई है, वो कहीं न कहीं वर्ल्ड कप के लिए खतरे की घंटी बजा रही है.

रोहित शर्मा की टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले इस साल दो द्विपक्षीय सीरीज खेली थी. साल की शुरुआत में भारत ने श्रीलंका की मेजबानी की थी और 3 वनडे की सीरीज में श्रीलंका का क्लीन स्वीप किया था. इसके बाद न्यूजीलैंड की मेजबानी की और कीवी टीम का भी 3 वनडे की सीरीज में पूरी तरह सफाया कर दिया था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में भी टीम इंडिया ने जीत से आगाज किया था. लेकिन, स्टीव स्मिथ की अगुआई में ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट सीरीज की तरह ही वनडे में भी जबदरस्त कमबैक किया और आखिरी दोनों वनडे जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली.

न्यूजीलैं-ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद सीरीज हारा भारत
ऑस्ट्रेलिया खेल के हर डिपार्टमेंट में भारत पर भारी पड़ा. मुंबई में हुए पहले वनडे में भी टीम इंडिया की स्थिति अच्छी नहीं थी. 189 रन के टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने 40 रन के भीतर ही 4 विकेट गंवा दिए थे. वो तो केएल राहुल, रवींद्र जडेजा ने मोर्चा संभाल लिया तो भारत मुंबई वनडे जीत गया. वर्ना सीरीज में भारत का सूपड़ा साफ हो जाता. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज भारत के लिए आंखें खोलने वाली साबित हुई है. तीनों ही मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजी बेअसर रही. मिचेल स्टार्क की स्विंग होती गेंदों का सामना करने में भी भारतीय बल्लेबाज नाकाम रहे. स्टार्क ने सीरीज में सबसे अधिक 8 विकेट झटके.

चेन्नई वनडे में 6 विकेट ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर ने लिए
स्पिन गेंदबाजों को भारतीय बल्लेबाज अच्छा खेलते हैं. लेकिन, ये बात अब पुरानी हो गई. क्योंकि हाल के सालों में भारतीय दिग्गज स्पिन गेंदबाजों के आगे भी संघर्ष करते नजर आ रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई वनडे में ये नजर भी आया. भारत के 10 में से 6 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने लिए. एडम जाम्पा को पहले 2 वनडे में एक भी विकेट नहीं मिला था. लेकिन, चेन्नई में स्पिन गेंदबाजी के माकूल विकेट पर वो भारतीय बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूटे और 4 विकेट झटके. जाम्पा ने शुभमन गिल, केएल राहुल, हार्दिक पंड्या और रवींद्र जडेजा का शिकार किया.

स्पिनर के खिलाफ संघर्ष कर रहे भारतीय बल्लेबाज
हार्दिक पंड्या ने 6 साल पहले एडम जाम्पा के लिए कहा था कि वो जब चाहें जाम्पा के खिलाफ छक्का मार सकते हैं. लेकिन, अब हालात अलग हैं. 2019 वर्ल्ड कप के बाद से आईसीसी के किसी भी फुल मेंबर देश के स्पिनर ने जाम्पा(66) से अधिक विकेट नहीं लिए हैं. इस अवधि में सिर्फ अल्जारी जोसेफ (69) ने उनसे अधिक विकेट झटके हैं.

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रोहित ने भी चेन्नई वनडे के बाद जताई थी नाखुशी
यही वजह है कि चेन्नई वनडे के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने ये कहा था कि इस तरह के विकेट पर ही हम खेलकर बड़े हुए हैं. लेकिन, आखिरी वनडे में हमने अच्छी बैटिंग नहीं की. 6 महीने बाद में वर्ल्ड कप होना है. तब भी विकेट इसी तरह के रहेंगे. जहां स्पिन गेंदबाजों को मदद मिल सकती है. ऐसे में अगर टीम इंडिया अपनी कमजोरियों को वक्त रहते नहीं दूर करेगी, तो फिर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म होना मुश्किल है. भारत 2013 के बाद आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीता है.

Tags: India vs Australia, ODI World Cup, Rohit sharma, Team india, Virat Kohli

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