जब डायरेक्टर ने शाहरुख खान पर लगाई पाबंदी, जींस नहीं ट्राउजर्स पहनने की दी सलाह, अर्जुन बनकर रच दिया इतिहास

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नई दिल्ली. शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की साल 1997 में आई फिल्म में ‘परदेस’ ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए थे. इस फिल्म में शाहरूख खान और महिमा चौधरी की केमिस्ट्री को काफी पसंद किया गया था. फिल्म की कहानी, किरदार और गानों ने भी लोगों का दिल जीत लिया था. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी कामयाबी भी हासिल की थी. लेकिन सुभाष घई ने इस फिल्म में काम करने के लिए शाहरुख को एक ऐसी सलाह दी थी जो शायद ही किसी फिल्म में किसी हीरो को दी गई हो.

सुभाष घई जब फिल्म “परदेस” के लिए काम कर रहे थे तो उन्होंने इस फिल्म के हर किरदार के लिए काफी मेहनत की थी. वह इस फिल्म को पूरी तरह अपने विजन के हिसाब से बनाना चाहते थे. यही वजह थी कि महिमा चौधरी के किरदार के लिए भी उन्होंने कम से कम 3000 लड़कियों का ऑडिशन लिया था. शाहरुख के किरदार के लिए भी उन्होंने काफी कुछ सोचा था. वह इस फिल्म में शाहरुख को किसी सुपरस्टार की तरह नहीं पेश करना चाहते थे. बल्कि उन्होंने तो शाहरुख के अर्जुन वाले किरदार के लिए कुछ अलग ही सोच कर रखा था. शाहरुख ने भी सुभाष घई की बातों पर अम्ल किया और अपने किरदार से इतिहास रच डाला.

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जब कामयाब हुई सुभाष घई की सलाह
सुभाष घई ने अपने एक इंटरव्यू में इस फिल्म का जिक्र करते हुए बताया था कि जब उन्होंने अर्जुन के किरदार के लिए शाहरुख को बुलाया, तो उनको बस एक ही बता कही कि फिल्म में उन्हें शाहरुख बनकर नहीं उतरना है. अपनी बाकी फिल्मों की तरह इस फिल्म में शाहरुख को अपना रोमांस दिखाना नहीं बल्कि छिपाकर रखना है और अंत तक अपने भीतर छिपाकर रखना है. बल्कि अपने किरदार में पूरी तरह ढलने के लिए जीन्स के बजाए ट्राउजर्स पहनने की सलाह भी सुभाष घई ने ही दी थी. सुभाष घई की ये सलाह शाहरुख खान के करियर के लिए वरदान साबित हुई फिल्म सुपरहिट हुई.

महिमा चौधरी नहीं थीं पहली पसंद
सुभाष घई इस फिल्म में गंगा के किरदार के लिए पहले महिमा चौधरी को नहीं बल्कि माधुरी दीक्षित को लेना चाहता थे. माधुरी ने स्क्रिप्ट सुनी थी और उन्हें कहानी पसन्द आई थी. लेकिन तब तक माधुरी दीक्षित स्टारडम हासिल कर चुकी थीं, जबकि गंगा का किरदार एक छोटे गाँव की लड़की का था, जो अपने अपनी मासूमियत में, हवाई जहाज को देख विदेश जाने के सपने बुनने लगती है. उन्हें लगा कि गंगा के किरदार के लिए कोई नई एक्ट्रेस होनी चाहिए, जिसकी मासूमियत लोगों का दिल जीत ले. इसके बाद एक बार जब वह महिमा चौधरी से बात कर रहे थे तो उन्होंने महिमा को जोरों से हंसते देखा तो वह समझ गए कि यही गंगा के किरदार के लिए सही च्वाइस है.

बता दें कि साल 1995 में आई सुभाष घई की फिल्म त्रिमूर्ति कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी. इसके बाद कहा जाने लगा था कि सुभाष घई का करियर खत्म हो गया है. लेकिन सुभाष घई ने हार नहीं मानी. उन्होंने खुद निर्देशन की काम संभाली और अपनी नई फिल्म की शुरूआत की उस फिल्म का नाम था ” परदेस”. 8 अगस्त 1997 को रिलीज हुई परदेस एक लोकप्रिय और सफल फिल्म साबित हुई थी. इस फिल्म ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए थे.

Tags: Entertainment news., Entertainment Special, Shah rukh khan

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